रक्षाबंधन !!!
एक 'पर्व' !
एक दिन !
एक 'पवित्र' रिश्ते का !
एक 'पावन' पर्व का !
एक 'विश्वास' का !
एक 'आस्था' का !
जब एक साल गुजर जाता है|
एक बार फिर से यह 'पर्व' आता है!
जब एक 'सुनी कलाई' फिर से सजती है|
जब आँखों में 'जज्बाती' 'नमी' होती है|
जब एक बहन एक भाई की 'कलाई' पर 'राखी' बाधती है!
जब एक बहन अपने भाई की लम्बी आयु के लिए 'दुआ' मांगती है!
जब एक भाई अपनी बहन को अपना 'स्नेह' की 'सौगात' देता है!
जब एक भाई अपनी बहन को उसके 'सुख','शांति' और 'सुरक्षा' का 'वचन' देता है !
यह "रक्षाबंधन" है! हाँ यह पर्व "राखी" है ! आस्था,प्रेम और विश्वास का अटूट "बंधन"!
सभी भाई बहनों के जीवन में इस पर्व की 'सार्थकता' सदैव बनी रहे !!!happy रक्षाबंधन!!

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