प्रत्येक व्यक्ति जब किसी अंजान व्यक्ति से मिलता है तो वे एक दूसरे के बारे में कुछ नहीं जानते है| कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते है होते है जो कई घंटे की यात्रा भी कर डालते है पर बगल वाले व्यक्ति से बात तक नहीं कर पाते|इसके पीछे कई कारण हो सकते है परंतु सबसे प्रमुख कारण संकोच का न त्यागना व भाषा संबंधी कठिनाई हो सकती है| किसी व्यक्ति से संबंध स्थापित करने के लिए यह आवश्यक है कि उस व्यक्ति को हम अपने भावो,विचारो और आवश्यकताओ के बारे मे अपनी भाषा द्वारा प्रभावित कर सकें| यह तही संभव होगा जब दूसरा व्यक्ति भी उस भाषा को अच्छी तरह बोलता और समझता हो| यही कारण है कि व्यक्ति हिन्दी भाषा का अच्छा विद्वान होते हुये भी यदि किसी गोष्ठी मे जाता हो जहां अंग्रेजी में ही सम्पूर्ण कार्यवाही हो रही हो तो मात्र मूकदरशक व श्रोता बनने के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं कर सकता है |

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